smartphone camera terms
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हेलो दोस्तों | welcome to kundantalk दोस्तों आपने अपने मोबाइल के कैमरा में अक्सर देखते होंगे  aperture, optical zoom vs hybrid zoom vs digital zoom, HDR mode, ,bokeh,EIS & OIS  किन्तु आपको पता नहीं होता हैं की यह सब क्या हैं और इसका हम कैसे उपयोग करे दोस्तों आज के इस पोस्ट में हम इसी smartphone camera terms के बारे में बात करेंगे और बातयेंगे की यह सब क्या हैं और इसका कैमरा में क्या उपयोग हैं |

aperture : दोस्तों जो भी कैमरा यूज़ करता हैं यह f/2.8, f/2.4, f/1.8, यह  सुना ही  होगा किन्तु अगर आपको पता नहीं है की  यह सब क्या हैं  तो कोई प्रॉब्लम नहीं इस पोस्ट के पढ़ने के बाद आप जान जायँगे 
दोस्तों अगर आप ध्यान से कैमरा पर देखंगे तो आपको वहा पर आपको एक छोटा लेन्स देखिए देता हैं जब आप फोटो लेते हैं तब वह ओपन हो कर क्लोज होता हैं जिसे हमलोग aperture कहते हैं |यह जितना जायदा खुलता हैं उतना ही अच्छा फ़ोटो आता हैं
दोस्तों मैं  आपको एक आसान भाषा में समझाता हूँ मान लीजये की आपके पास एक बड़ा खिड़की हैं और एक छोटा खिड़की हैं अगर आपके पास बड़ा खिड़की हैं उसमे से जायदा रौशनी आयेंगी और अगर छोटा सा खिड़की हैं तो तो जाहिर सी बात हैं उसमे कम रोशनी आएगी ठीक उसी तरह apreture में होता हैं कोई फोटो लेते हैं तब वह शटर open हो कर close हो जाता हैं वह जितना जायदा open होगा उतना ही  जायदा रोशनी आएगी अब जितना जायदा रोशनी आएगी उतना ही आप कम लाइट में  अच्छा फोटो ले पायंगे  अगर कम ओपन होगा तो कम रोशनी आएगी जिसे अच्छा फोटो नहीं आएगा aperture जितना कम होता हैं उतना ही अच्छा  फोटो देखने को मिलता हैं अगर आप f/1.7 को f/2.2 को compare करंगे तो f/1.7 वाला अच्छा फोटो क्लिक करेगा

camera aperture

Optical Zoom Vs Hybrid Zoom Vs Digital Zoom: दोस्तों आपने अक्सर देखा होगा की आपके फ़ोन में 2x Optical Zoom, 5x  Hybrid Zoom, और 10x Digital Zoom दिया होता हैं अगर आपको इसके बारे में है पता है तो मैं आपको बता दूँ की यह क्या होता हैं |
optical zoom= दोस्तों यह hardware बेस होता हैं यह zoom lense के मदद से zoom करके फोटो क्लिक करता हैं जिसे आपका फोटो क्वालिटी खराब नहीं होती होती हैं
hybrid zoom= दोस्तों यह hardware aur software का combined होता हैं मतलब अगर आपके फ़ोन में 5x hybrid zoom होगा तो उसमे से आपको 2x optical zoom और 3x सॉफ्टवेयर से होता हैं उससे हम hybrid zoom कहते हैं| इसकी फोटो क्वालिटी average ही होती हैं

digital zoom= यह software zoom हैं यह अपने सॉफ्टवेयर के मदद से फोटो को क्रॉप कर  देता हैं किसे आपकी फोटो ज़ूम देखिये देती हैं जिसे फोटो क्वालिटी बहुत ख़राब हो जाती हैं

Optical Zoom Vs Hybrid Zoom Vs Digital Zoom

HDR(high dynamic range):  दोस्तों जब भी कभी आप harsh light  में फोटो लेते हैं तब आप देखते हैं की फोटो का कोई पार्ट  over exposed  हो जाता हैं मतलब बहुत जायदा ब्राइट हो जाता हैं जिसे आपको फोटो का वह पार्ट दिखयी नहीं देता हैं और कुछ पार्ट under exposed यानि dark हो जाता हैं जिसे डिटेल ख़राब हो जाता हैं जिसे  पुरा फोटो ख़राब हो जाता हैं  तो दोस्तों इसी प्रॉब्लम को दूर करने के लिए हम HDR का उपयोग लेते हैं जिसे होता यह हैं की यह  एक साथ बहुत सारे फोटो क्लिक करता हैं जिसमे से over exposed ,under exposed, auर ek noraml photo click करता है फिर वह अपने सॉफ्टवेयर के मदद से फोटो को combined कर देता हैं जिसे आपको एक well balanced फोटो मिलता हैं 

HDR VS NORMAL

bokeh: दोस्तों bokeh mode को हमलोग portrait mode भी कहते हैं इसमें होता यह हैं की आपका जो subject होता हैं वह focus में होता हैं बाकि सब out of focus हो जाता हैं और यह जितना out of focus होता हैं आपको अच्छा  फोटो देखने को मिलता हैं | जैसे मान लीजिए आप portrait mode ऑन करके आप अपना फोटो लेते हैं तब आपके background में जो blur हो जाता हैं उससे ही bokeh या portrait mode कहते हैं | 

EIS and OIS= दोस्तों कभी ना  कभी आपने सुना होगा की आपके फ़ोन में EIS या OIS का सपोर्ट हैं ऐसे में आपको नहीं पता होता हैं की आखिर यह क्या हैं तो मैं आपको बता देता हूँ की आखिर यह क्या हैं और इसका क्या उपयोग हैं
EIS(electronic image stabilization)= दोस्तों जब आप कोई वीडियो रिकॉर्ड करते हैं तो आपने अक्सर देखा होगा की Stabilization ठीक से नहीं होता हैं वीडियो सेकि आता हैं जिसे वीडियो देखने में ख़राब लगता हैं   इसी प्रॉब्लम को दूर करने के लिए EIS का उपयोग किया जाता हैं इसकी मदद से आपकी वीडियो  बहुत stabiliz मिलती हैं जिसे  वीडियो अच्छे  से रिकॉर्ड होता हैं यह software बेस होता हैं
OIS(optical image stabilizaton)=दोस्तों यह EIS के जैसा ही होता बस यह hardware base होता हैं

slow motion & time lapse: दोस्तों जब भी हम कोई नॉर्मल वीडियो रिकॉर्ड करते हैं तो वह 1 second में 30 fps(frames par second)capture करता हैं वह आपको नार्मल वीडियो देखने को मिलता हैं ना slow में ना fast में किन्तु जब आप कोई slow motion वीडियो रिकॉर्ड करते हैं तब वह  1 sec  में 240fps capture  वह 8 गुणा ज्यादा स्लो हो जाता हैं मतलब आपको जो नार्मल वीडियो को देखने में 1 second लगता था अब उसी वीडियो को 960fps में देख्नेगे तो उसको 8 sec लगेगा जिसे आपको वीडियो slow motion में देखेगा
time lapse= यह स्लो मोशन का ठीक उल्टा हैं जहा slow motion 1 second में 30 frame capture करता हैं वही  1 second में 1 ही  frame capture करता हैं मतलब जब कोई 30 second का video रिकॉर्ड करते हैं तो वह 1  सेकंड  में देखा देता हैं इसलिए  उसको time lapse या fast motion कहते हैं | 

तो दोस्तों आज के इस पोस्ट में इतना ही मैं उम्मीद करता हूँ की आपको कुछ नया सिखने को मिला होगा अगर कुछ नया सिखने को मिला होगा तो निचे comment box में ज़रूर बातयेगा की आपको क्या नया सिखने को मिला फिर मिलते हैं अगले नए पोस्ट में bye 🧡 

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